Sister

दीदी तो मां जैसी  होती  है  और  उसका  प्यार  ममता ही होती  है  उसकी डाँट पापा जैसी  उसकी सलाह दादा जैसी  वो हमजोली  भी दोस्त जैसी होती है  उसकी बातें बिल्कुल मेरे मन जैसी होतीं  हैं  और उससे दूरी कुछ  ग्रहन जैसी  होती है  अखिर जो  सबकुछ पूरा  कर दे  जिसमें  हर रिश्ता हो  वो बहन ही तो होती  है  मेरी दीदी भी मुझे माँ जैसी लगती  है।                                      With love :)                                                       Your brother                                                        ...

In memory of my mother

मां तू मेरा सवेरा सा 
फिर क्यों यहां इतना अंधेरा सा
मां मैं तेरा वो अंश 
जो तेरे बिना ताउम्र अधूरा सा
पर मां मेरे मन का इक कोना
जो आज भी नहीं है सूना 
तेरी हंसी 
तेरी आंखें 
तेरी हर इक बातें 
तेरी परवाह
तेरी सलाह 
मेरी घंटों तकना राह 
सब इस कोने में कैद है 
बस ईश्वर का इतना ही अब मुझपे फ़ैज़ है 
मां
साथ ही चलेंगे 
साथ ही हसेंगे 
साथ ही रो लेंगे 
साथ ही सब होगा 
बस तू दिखेगी नहीं
बाकी हर पल तेरा एहसास होगा ।। 
                                   स्मृति शैल ( मेरी लेखनी से)

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